भिलाई 03। छत्तीसगढ़ स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ भिलाई-चरौदा ईकाई द्वारा कर्मचारियों जीपीएफ, सीपीएफ एवं उपादान राशि अपने खातों में आने पर मंगलवार को निगम सभागार में आयोजित कार्यक्रम में निगम महापौर निर्मल कोसरे, निगम आयुक्त दशरथ सिंह राजपूत और राजस्व प्रभारी मोहन साहू का माला पहनाकर श्रीफल, शॉल और मोमेंटो देकर सम्मानित कर धन्यवाद ज्ञापित किया। सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ महतारी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
नगर निगम आयुक्त डीएस राजपूत ने कलेक्टर अभिजीत सिंह द्वारा किए जा रहे प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह जो राशि आपको मिला है उसमें हमारे कलेक्टर सर के संवेदनशीलता के कारण संभव हो पाया है, उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है, उन्होंने इस कार्य की लगातार मॉनिटरिंग की और इस पर बार बार चर्चा की, उसकी फाइल कहा पहुंची क्या दिक्कत है? उस पर अपनी नजर बनाए रखी और आज उसी का परिणाम है कि आप लोगों को यह राशि मिल सका है।
आयुक्त राजपूत ने उपस्थित निगमकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं भी एक गरीब परिवार से हूं, संघर्ष क्या होता है? सब जानता और समझता हूं। मैने हमेशा कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखकर कार्य किया है, बीच में वेतन को लेकर थोड़ी दिक्कतें हुई थी पर अब सब ठीक हो गया है। हम ऐसी व्यवस्था बना रहे है कि आने वाले कई वर्षों तक निगम कर्मचारियों को समय पर पेमेंट और अन्य राशि के लिए दिक्कत नहीं होगी। मै सभी कर्मचारियों से एक अपील करता हूं कि उक्त राशि आपके मेहनत और जीवनभर की कमाई है, इस राशि उपयोग अच्छे कार्यों में और सोच समझकर करे।
महापौर निर्मल कोसरे ने नगम कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं पदभार ग्रहण के पहले हे दिन से निगम कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखकर काम करते आ रहा हूं। निगम कर्मचारियों के पेमेंट और जीपीएफ की राशि की दिक्कत हो रही थी जो कि अब खत्म हो गई है। विश्व बैंक कॉलोनी के भूखंडों के नीलामी के बाद एक करोड़ की राशि कर्मचारियों के खातों में जमा कराया गया था और अब एक करोड़ नब्बे लाख से ज्यादा की राशि जमा कराया जा रहा है। नगर निगम भिलाई-चरौदा एक ऐसा निगम है, जहां भाजपा-कांग्रेस नहीं होता सब मिलकर एकजुट है। मैने अपने कर्मचारियों से बड़ा किया था अप्रैल 2026 तक राशि आपकी राशि आपके खातों में जमा हो जाएगा और आज 26 मई को जमा हो गया है। निगम के संचय निधि में दो करोड़ से ज्यादा की राशि है, आयुक्त ने कई बार सरकार को पत्र लिखा लेकिन सरकार ने वो राशि देने की अनुमति नहीं दी।
महापौर ने कहा कि मैने जब महापौर का पद संभाला था तब निगम दो करोड़ रुपए के कर्जे (माइंस) में था लेकिन आज निगम 15 करोड़ रुपए एफडी करने की स्थिति में है। आपसे निवेदन है कि इस पैसे का उपयोग हमेशा अच्छे काम करे, ये मेहनत का पैसा है, इस बात का ध्यान रहे कि इसका हमेशा सदुपयोग करे, अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य में इसका उपयोग करें।
महापौर ने कहा कि उपादान के राशि, अवकाश नगदीकारण की राशि और चिकित्सा राशि भी आपको देना है वो भी जल्द आपके खातों में जमा होगा। नगर निगम को अपना घर समझकर आना है, हम सब लोग मिलकर काम करेंगे तो वो काम बहुत अच्छा होगा। एक परिवार के तरह कार्य करें अगर सीनियर अधिकारी डांटता है तो उसको अन्यथा ना लेवे वो आपके काम सिखाने के लिए डांटते है, उसका गलत मतलब ना निकाले और ना उसको दिल पर लेवे। दूसरे के कार्यों नुक्स ना निकालकर अपने कार्य को बेहतर करने का प्रयास करें।
राजस्व प्रभारी मोहन साहू ने बताया कि निगम कर्मचारियों की बहुत लंबे समय से जीपीएफ की राशि जमा नहीं हो पाई थी, कर्मचारी संघ द्वारा कई बार इस विषय पर चर्चा की गई थी, जिसके लिए हमलोग प्रयासरत थे, आज बहुत ही हर्ष का विषय है कि हमारे कार्यकाल के अंतिम वर्ष में हम कर्मचारियों के लिए यह कार्य कर पाए है। कर्मचारियों के लिए यह राशि उनके बच्चों और उनके वृद्ध अवस्था का सहारा बनेगा और उनको रिटायरमेंट के बाद अच्छा जीवन जीने बहुत उपयोगी साबित होगी। मै सभी कर्मचारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। मंच का संचालन पीआरओ विकास चंद त्रिपाठी और आभार व्यक्त निगम सचिव लिंगेश्वर राव ने किया।















