अक्टूबर 2016 में शुरू की गई उड़ान योजना के तहत अब तक 669 मार्गों का संचालन शुरू किया जा चुका है। इस योजना के माध्यम से 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्ट और जल एयरोड्रोम को जोड़ा गया है, जिससे 1.66 करोड़ से अधिक यात्रियों को लाभ मिला है। इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 मार्च 2026 को संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी दी थी…
जोधपुर (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के अगले चरण ‘विकसित उड़ान’ का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने जोधपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन भी किया। इस दौरान क्षेत्रीय हवाई संपर्क के विस्तार और विश्वस्तरीय विमानन अवसंरचना के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसानराव बागड़े, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजारापु, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।
अक्टूबर 2016 में शुरू की गई उड़ान योजना के तहत अब तक 669 मार्गों का संचालन शुरू किया जा चुका है। इस योजना के माध्यम से 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्ट और जल एयरोड्रोम को जोड़ा गया है, जिससे 1.66 करोड़ से अधिक यात्रियों को लाभ मिला है। इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 मार्च 2026 को संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी दी थी। अगले 10 वर्षों के लिए इस योजना पर लगभग 29,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिससे नागरिक उड्डयन क्षेत्र को गति मिलने के साथ ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
संशोधित योजना के तहत 12,159 करोड़ रुपए के निवेश से 100 एयरोड्रोम विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय हवाई अड्डों के संचालन एवं रखरखाव को सहायता दी जाएगी। 3,661 करोड़ रुपए की लागत से 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित होंगे, जबकि क्षेत्रीय एयरलाइन संचालन को बनाए रखने के लिए 10,043 करोड़ रुपए की व्यवहार्यता अंतर निधि उपलब्ध कराई जाएगी। योजना में दूरदराज के क्षेत्रों में संचालन के लिए एचएएल ध्रुव और डोर्नियर जैसे स्वदेशी विमानों एवं हेलीकॉप्टरों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजारापु ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगभग 29,000 करोड़ रुपए के ऐतिहासिक परिव्यय वाली संशोधित उड़ान योजना भारत की विमानन यात्रा का नया अध्याय है। उन्होंने कहा कि 2016 से उड़ान योजना ने हवाई यात्रा को आम लोगों के लिए सुलभ और किफायती बनाया है। यह योजना किसानों, छात्रों, उद्यमियों, कारीगरों और व्यवसायों को नए अवसर उपलब्ध करा रही है तथा टियर-2 और टियर-3 शहरों से लेकर दूरदराज के क्षेत्रों तक आर्थिक विकास, पर्यटन, रोजगार और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा दे रही है।
प्रधानमंत्री ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा लगभग 480 करोड़ रुपए की लागत से विकसित जोधपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन किया। यह परियोजना ‘ब्लू सिटी’ और थार मरुस्थल के प्रवेश द्वार के रूप में प्रसिद्ध जोधपुर की हवाई संपर्क क्षमता को मजबूत करेगी तथा पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी।
करीब 23,342 वर्ग मीटर क्षेत्र में बने इस नए टर्मिनल की क्षमता व्यस्त समय में 1,500 यात्रियों तथा सालाना 20 लाख यात्रियों की आवाजाही संभालने की है। इसमें 20 चेक-इन काउंटर, अत्याधुनिक सुरक्षा जांच प्रणाली, आधुनिक बैगेज प्रबंधन प्रणाली और छह एयरोब्रिज की सुविधा दी गई है। नए एप्रन पर 11 ए-321 विमान और एक एटीआर-72 विमान खड़े किए जा सकेंगे। वहीं, लगभग 320 कारों की पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।
राममोहन नायडू किंजारापु ने कहा कि नया टर्मिनल मारवाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत को दर्शाता है। इसकी बाहरी संरचना राजस्थानी शैली में तैयार की गई है, जबकि अंदरूनी सज्जा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे हवाई अड्डों का निर्माण कर रही है जो आधुनिक अवसंरचना और भारत की सांस्कृतिक पहचान का बेहतरीन संगम प्रस्तुत करते हैं।
मौजूदा टर्मिनल की सालाना क्षमता करीब चार लाख यात्रियों की थी, जो बढ़ते यातायात के कारण पूरी तरह भर चुकी थी। नया टर्मिनल भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें ऊर्जा दक्ष प्रणाली, जल संरक्षण उपाय और हरित भवन मानकों को अपनाया गया है। टर्मिनल को 5-स्टार ग्रीन बिल्डिंग रेटिंग दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके डिजाइन में मेहराब और झरोखे जैसे पारंपरिक राजस्थानी स्थापत्य तत्वों को आधुनिक वास्तुकला के साथ जोड़ा गया है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि जोधपुर का नया टर्मिनल पश्चिमी राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेगा और पर्यटकों के लिए राजस्थान की पहली यादगार झलक बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उड़ान योजना का अगले दशक के लिए विस्तार भारत में विमानन क्षेत्र को और अधिक लोकतांत्रिक बनाएगा तथा देश के सभी क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगा।
सरकार के अनुसार, संशोधित उड़ान योजना और जोधपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे क्षेत्रीय हवाई संपर्क मजबूत होगा, हवाई अड्डा अवसंरचना का विस्तार होगा, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा देशभर में समावेशी सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।



















