दुर्ग। जिले के जनपद पंचायत CEO रूपेश कुमार पांडेय को सस्पेंड कर दिया गया है। गत दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वे ‘सुशासन तिहार’ के दौरान बीजेपी ग्रामीण महामंत्री से बहस करते नजर आए थे। यह पूरा विवाद विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में हुआ था।
मिली जानकारी के अनुसार सुशासन तिहार के तहत आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में सामुदायिक भवन के लिए राशि जारी करने को लेकर बीजेपी नेता ने आपत्ति जताई थी। इसी मुद्दे पर जनपद CEO रूपेश कुमार पांडेय और भाजपा नेता के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते दोनों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी।
वीडियो में रूपेश कुमार पांडेय को यह कहते हुए सुना गया था कि, “जो करना है कर लो।” वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद बीजेपी नेताओं और स्थानीय लोगों ने अधिकारी के व्यवहार पर सवाल उठाए थे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर संभागायुक्त कार्यालय को भेजी थी। इसके बाद संभागायुक्त कार्यालय की ओर से रूपेश कुमार पांडेय को कारण बताओ नोटिस जारी कर शिविर के दौरान हुए घटनाक्रम और उनके व्यवहार को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था।
संभागायुक्त कार्यालय के अनुसार अधिकारी ने अपना जवाब पेश किया, लेकिन वह संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद मामले की गहन जांच की गई। समीक्षा के दौरान वायरल वीडियो, जिला प्रशासन की रिपोर्ट और उपलब्ध अन्य तथ्यों को आधार बनाया गया। शुरुआती जांच में आचरण संबंधी गंभीर त्रुटियां पाए जाने पर रूपेश कुमार पांडेय के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
रूपेश कुमार पांडेय के सस्पेंड का आदेश सोमवार को जारी किया गया। आदेश में यह भी जिक्र किया गया है कि जनपद पंचायत दुर्ग के CEO का अतिरिक्त प्रभार अब जिला पंचायत दुर्ग में पदस्थ प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी महेंद्र कुमार जांगड़े संभालेंगे। अगले आदेश तक वे अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ जनपद पंचायत दुर्ग के CEO का कार्यभार भी देखेंगे।


















