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राजनीतिक चाणक्य प्रशांत किशोर का बड़ा दावा, भाजपा को इस लोकसभा चुनाव में मिलेगी इतनी सीट?

लोकसभा चुनाव के पांच चरणों के लिए वोटिंग संपन्न हो गई है. अगले दो चरणों की वोटिंग से पहले राजनीति विश्लेषक प्रशांत किशोर ने बीजेपी को लेकर बड़ा दावा किया है…

नईदिल्ली (ए)। लोकसभा चुनाव 2024 की लड़ाई अब छठवें चरण में पहुंच गई है. पांच चरण के मतदान के बाद छठवें चरण का 25 मई को होगा. बात उत्तर प्रदेश की करें तो यहां अब तक 53 सीटों पर वोटिंग हो गई है, बाकी 27 सीटों पर बचे दो चरण में मतदान होना है.  वहीं छठे चरण की वोटिंग से पहले राजनीति विश्लेषक प्रशांत किशोर ने बीजेपी के अबकी बार 400 पार के दावे और उत्तर प्रदेश की सभी 80 सीटों के जीतने के दावे पर अपनी राय रखी है।

पॉलिटिकल स्ट्रैटजिस्ट प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा को 370 सीटें नहीं मिलेंगी। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोगों में गुस्सा नहीं है। इसीलिए नतीजे 2019 चुनाव की तरह रहेंगे। भाजपा को लगभग 300 सीटें मिलेंगी। प्रशांत ने ये बातें एक टीवी इंटरव्यू में कही हैं।

सवाल: क्या NDA को इस बार 400 सीटें मिलेंगी?
जवाब: यह संभव नहीं है। PM मोदी ने कहा था कि भाजपा को 370 सीटें मिलेंगी और NDA 400 का आंकड़ा पार करेगा। ये बातें कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए थीं। भाजपा के लिए 370 सीटें हासिल करना असंभव है, लेकिन यह भी निश्चित है कि पार्टी 270 के आंकड़े से नीचे नहीं जा रही है। मुझे लगता है कि भाजपा को 303 या शायद उससे थोड़ी बेहतर सीटें मिलेंगी।

सवाल: क्या भाजपा को उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में नुकसान हो रहा है?
जवाब: भाजपा को महाराष्ट्र में 20 से 25 सीटें मिलेंगी। ऐसे में अगर विपक्ष 25 सीटें जीत भी जाता है तो भी भाजपा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इस समय महाराष्ट्र में भाजपा की 48 में से सिर्फ 23 सीटें ही हैं। ऐसे में विपक्ष की बढ़त से भी भाजपा को कोई नुकसान नहीं है।

सवाल: भाजपा को किन क्षेत्रों में सीटों का नुकसान हो रहा है?
जवाब: भाजपा को लोकसभा चुनाव में उत्तर और पश्चिम क्षेत्रों में कोई नुकसान नहीं हो रहा है, जबकि दक्षिण और पूर्व (बिहार, बंगाल, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल) में भाजपा की सीटें बढ़ेंगी।

सवाल: मोदी 3.0 को कैसे देखते हैं?
जवाब: प्रशांत ने PM मोदी के तीसरे कार्यकाल में होने वाले कामों को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मोदी के तीसरे कार्यकाल में पेट्रोलियम को GST के तहत लाया जा सकता है। राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता पर अंकुश लग सकता है। इसके अलावा राज्यों से जुड़े और कई महत्वपूर्ण फैसले हो सकते हैं।

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