भिलाई 03। नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा में गुरुवार को आयोजित आखिरी सामान्य सभा हंगामेदार रहा। ट्रांसपोर्ट नगर हथखोज व्यावसायिक योजनान्तर्गत रिक्त भूखण्डों की नीलामी से प्राप्त उच्चतम बोली के संबंध में चर्चा शुरू होते ही डबरापारा पार्षद तुलसी ध्रुव ने नीलामी प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि निगम के कर्मचारियों के होते हुए महापौर निर्मल कोसरे बोली में भाग लिए और अलाउंस करते रहे, जो प्लॉट 40-45 लाख रुपए में बिका वो 65-70 लाख रुपए के बिक सकता था, मुझे संदेह है कि नीलामी निष्पक्ष तरीके से नहीं हुआ है। संस्था प्रमुख (महापौर) के डर से लोग ज्यादा बोली नहीं बोले, इसकी जांच करानी चाहिए। मैने कलेक्टर से भी इसकी शिकायत की है। नीलामी प्रक्रिया में महापौर भाग ले सकते है ऐसा नियम है तो उसकी कॉपी मुझे उपलब्ध कराया जाए। वही सभापति के निर्देश पर पार्षद तुलसी ध्रुव से माइक वापस लेने पर पार्षद ने दादागिरी करके माइक छीना जा रहा है कहने पर सभापति कृष्णा चंद्राकर भड़क गए और कहा कि सही शब्दों का चयन कर बोले नहीं तो सदन से बाहर करवा दूंगा।सभापति ने कहा कि इसके पहले भी सदन में कहा था कि आदिवासी हूं इसलिए बोलने नहीं दिया जाता, जबकि सदन में सबको समान रूप से बोलने का मौका मिलता है।
वही महापौर ने पार्षद तुलसी ध्रुव के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि भूमि नीलामी के जरिए नगर निगम की भलाई चाह रहा था इसलिए नीलामी में बैठा था, नगर निगम के इतिहास में पहली बार चार गुणा ज्यादा बोली इस बार लगी है जो पूरा प्लॉट 4-5 करोड़ रुपए में बिकता, उसे 13-14 करोड़ रुपए में बेचा गया है। भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है, नेता प्रतिपक्ष के बिना ही सदन में आये है, बिना कैप्टन के मैदान में उतरेंगे तो पहली बॉल पर एलबीडब्ल्यू तो होंगे ही।
विश्वबैंक कॉलोनी पार्षद संतोष तिवारी ने 29 करोड़ के टेंडर को ओपन करने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महत्वपूर्ण कार्यों के लिए निविदा बुलाई गई है, उसको नहीं खोलना गलत बात है, हमारे कार्यकाल का अंतिम समय चल रहा है, वार्ड में कई काम करना बचा है। निविदा खोलने की तिथि बताए, ईई की गैरमौजूदगी में किसी ना किसी को इसकी जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी, ये सामान्य सभा की अवहेलना है। पार्षद संजय यादव, तुषांत वर्मा ने भी टेंडर को खिलने के लिए अपनी सहमति देते हुए कहा कि एक महीना से ऊपर हो गया टेंडर लगे हुए लेकिन
आज दिनांक तक टेंडर नहीं खुला, ये पार्षदों का अपमान है। पार्षद संजय यादव ने कहा कि निगम क्षेत्र अवैध प्लॉटिंग हो रही है जिसकी शिकायत मै मार्च में बजट प्रस्तुत करने के समय सदन को अवगत कराया था तब महापौर ने एक सप्ताह के भीतर कार्यवाही करने की बात कही थी लेकिन आज पांच माह बीत जाने के बाद भी अवैध प्लॉटिंग पर कोई कारवाही नहीं हुआ।
महापौर निर्मल कोसरे ने टेंडर नहीं खोलने के कारणों का जवाब देते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष द्वारा अपने लैटर पैड पर विभागीय मंत्री को टेंडर को निरस्त करने के लिए लिखा गया है, उसमें उल्लेख किया गया है कि जो 3 जुलाई को जो नागरोत्थन फेस वन का काम 29 करोड़ रुपए के लिए गए है वो जनता के हित में नहीं है। जिसके बाद टेंडर खोलने में समस्या आई है।
पदुमनगर पार्षद मनीष वर्मा ने सदन में ईई की अनुपस्थित पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब पता है कि 13 अगस्त को सामान्य सभा है तो ईई कैसे बिना किसी के जानकारी के एब्सेंट है, निविदा खोलने की जानकारी कौन देगा? वही पार्षद ने कहा कि बिजली विभाग के नोडल अधिकारी अपनी मनमर्जी से काम करते है, हमे विकास के साथ प्रकाश भी चाहिए, बिजली विभाग के नोडल अधिकारी सन्तोष सोनी निहायती लापरवाह आदमी है, उसकी शिकायत कई बार महापौर और आयुक्त से की जा चुकी है, उनको बिजली विभाग से हटाया जाए, जिस पर कई पार्षदों ने भी हामी भरी। दो दिनों के भीतर बिजली विभाग के संतोष सोनी को उक्त विभाग से हटाने की सहमति बनी है। पार्षद डे साहब वर्मा, शारदा लावेश कुमार ने रोड बनाने का मुद्दा उठाया।
वही लापरवाह ठेकेदार भुवन तिवारी और शत्रुघ्न चंद्राकर को ब्लैक लिस्टेड करने हेतु सभापति ने निर्देशित किया। सभापति ने सदन में सख्त लहजे में कहा कि अधोसंरचना मद से होने वाले विकास कार्यों के भूमिपूजन में विधायक, महापौर और सभापति को ना बुलाने या सूचना ना देने पर उस कार्य को रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि महापौर सभापति का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, अगर कोई इंजीनियर इसमें इन्वॉल्व होगा तो उस पर भी कारवाही की जाएगी।
सभापति ने 29 करोड़ के टेंडर निरस्त करने और 38 करोड़ के होने वाले टेंडर पर हुए बहस पर कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष और उपनेता प्रतिपक्ष है तो भाजपा संगठन के लोग से विकास कार्यों की रूपरेखा कैसे बना सकते है, उनको वार्डो की क्या जानकारी है। टेंडर के लिए समन्वय बनाकर चार लोग बैठेगे। दो हमलोग मै, महापौर और दो भाजपा के तरफ (नेता प्रतिपक्ष और उप नेता प्रतिपक्ष) से रहेंगे, मंडल अध्यक्ष की जरूरत नहीं है लेकिन यहां से जाने के बाद जो समन्वय बना था वहां जाकर उसको काट दिया गया। विधायक महोदय ने नेता प्रतिपक्ष के लिए मना कर दिया तो हमलोग क्या कर सकते है? इसमें आप लोगों की गलती है। भाजपा चरोदा मंडल अध्यक्ष गौरी शंकर और भिलाई 03 मंडल अध्यक्ष वरुण यादव को वहां कोई जरूरत नहीं था लेकिन उन लोगों को बुलाया गया। कई वार्डो में राशि नहीं दी गई थी उसको हम लोगों ने राशि डलवाई। उसके बाद भी कई वार्डो की राशि काट दी गई।
सामान्य सभा में नेता प्रतिपक्ष राम खिलावन वर्मा, विधायक प्रतिनिधि दिलीप पटेल और वरिष्ठ पार्षद फिरोज फारूखी की सदन में मौजूद नहीं रहने की भी जमकर चर्चा हुई और महापौर ने दो बार इस पर ध्यान आकर्षण किया। सांसद प्रतिनिधि विपिन चंद्राकार और महापौर के बीच नियुक्ति आदेश को लेकर भी तीखी बहस हुई।





















