दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

अखिल भारतीय राष्ट्रीय आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों ने की कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी से मुलाकात

दुर्ग। कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी से कलेक्टर कक्ष में जिले से अखिल भारतीय राष्ट्रीय पैरा आर्म प्रतियोगिता 2025 में शामिल प्रतिभागी खिलाड़ियों ने भेंट की और अपने उपलब्धियों से अवगत कराया। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने इन दिव्यांग राष्ट्रीय खिलाड़ियों को श्रीफल व शॉल से सम्मानित किया। साथ ही जिले एवं राज्य का नाम रौशन करने के लिए खिलाड़ियों की उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

उल्लेखनीय है कि 17, 18 एवं 19 जनवरी 2025 को अखिल भारतीय राष्ट्रीय पैरा आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता- 2025 का आयोजन ग्वालियर (मध्यप्रदेश) में किया गया। उक्त प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से 04 दिव्यांग खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।

जिसमें श्रीमंत झा को 01 गोल्ड मेडल, कुमारी परलीन कौर को 05 गोल्ड मेडल, श्री गोस्वामी विजयानंद को 01 गोल्ड मेडल और हर्ष खोडियार को 01 गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर उप संचालक समाज कल्याण अमित सिंह परिहार और विभाग के अन्य कर्मचारी भी उपस्थित थे।

शहीदों की स्मृति में 30 जनवरी को पूर्वान्ह 11.00 बजे दो मिनट का मौन: भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा शहीद दिवस को मनाए जाने के लिए स्थायी अनुदेश निर्धारित किए गए हैं। जिसके अनुसार 30 जनवरी शहीद दिवस को पूर्वान्ह 11.00 बजे दो मिनट का मौन रखा जाएगा तथा इस दौरान 2 मिनट के लिए अन्य काम या गतिविधियों को रोका जाना सुनिश्चित किया जाएगा।

कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने उक्त आयोजन के संबंध में शैक्षणिक संस्थाओं और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को समुचित अनुदेश जारी किए है। जहाँ कहीं संभव हो, दो मिनट के मौन की अवधि शुरू होने तथा समाप्त होने की सूचना सायरन बजाकर या आर्मी गन से दी जाएगी। सायरन 10.59 बजे से 11.00 बजे तक बजाए जाएंगे और दो मिनट के बाद 11.02 बजे से 11.03 बजे तक पुनः क्लीयर सायरन बजाए जाएंगे।

जहाँ सायरन उपलब्ध हो वहां यह कार्यविधि अपनाई जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सिगनल/सायरन सुनकर सभी व्यक्ति खड़े हो जाएं और मौन धारण करें। जिन स्थानों पर सिगनल की कोई व्यवस्था न हो वहाँ पूर्वान्ह 11.00 बजे दो मिनट का मौन रखने के लिए सभी संबंधितों को उपयुक्त अनुदेश दिए जा सकते हैं। विगत समय में यह देखा गया है कि यद्यपि कुछ कार्यालयों में दो मिनिट का मौन जाता है, परंतु आम-जनता इस अवसर की गंभीरता पर ध्यान दिए बिना सामान्य रूप अपने काम में लगी रहती है जो अप्रिय परिलक्षित होती है।

इसलिए शहीद दिवस को उचित गंभीरता से एवं जनता के और बेहतर सहयोग से मनाने के लिए सभी आवश्यक उपाय किये जाने के निर्देश दिए गए है। इस दिन के महत्व को प्रसारित करने हेतु भारत की स्वतंत्रता में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भूमिका तथा राष्ट्रीय एकता से संबंधित विषय पर हाईबर्ड/ऑनलाईन मोेड में उपक्रम में भाषण और वार्ताएं आयोजित की जाएंगी।

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