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अवैध कोल लेवी वसूली मामले में पूरक चालान पेश, 1200 पेज का अभियोग पत्र मय दस्तावेज प्रस्तुत

रायपुर। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो एवं एंटी करप्शन ब्यूरो, रायपुर द्वारा बहुचर्चित कोयला लेवी प्रकरण की जांच में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रायपुर के समक्ष दिनांक 10.03.2026 को पूरक चालान क्रमांक-04 प्रस्तुत किया गया है।

अवैध कोल लेवी वसूली प्रकरण अपराध क्रमांक-03/2024 में दिनांक 10.03. 2026 को आरोपी-राकेश जैन के विरूद्ध भा.द.वि. की धारा 120बी, 420, 384, 467, 468, 471 एवं तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथा संशोधित भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018) की धारा 7, 7ए, एवं 12 के अंतर्गत माननीय विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.) रायपुर में लगभग 1,200 पेज का अभियोग पत्र मय दस्तावेज प्रस्तुत किया गया।

उक्त आरोपी केन्द्रीय जेल रायपुर में निरूद्ध हैं। पूर्व में जुलाई 2024 में 15 आरोपियों सौम्या चौरसिया, रानू साहू समीर विश्नोई, शिवशंकर नाग, संदीप कुमार नायक, सूर्यकांत तिवारी, निखिल चंद्राकर, लक्ष्मीकांत तिवारी, हेमंत जायसवाल, चंद्रप्रकाश जायसवाल, शेख मोइनुद्दीन कुरैशी, पारेख कुर्रे, राहुल सिंह, रोशन कुमार सिंह एवं वीरेन्द्र जायसवाल के खिलाफ ईओडब्ल्यू के द्वारा अवैध कोल लेवी प्रकरण में प्रथम चालान प्रस्तुत किया गया था, अक्टूबर 2024 में 02 आरोपियों मनीष उपाध्याय एवं रजनीकांत तिवारी, अक्टूबर 2025 में 02 आरोपियों देवेन्द्र डडसेना एवं नवनीत तिवारी तथा दिसम्बर 2025 में 01 आरोपी-जयचंद कोशले के विरूद्ध पूरक चालान प्रस्तुत किया गया था।

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अवैध कोल लेवी कि रकम नगद मे वसूली जाती थी जिनके पास नगद में रकम देने को नहीं होता था उनके लिए सूर्यकांत तिवारी ने शेल फर्मों की व्यवस्था कराई थी। इसमें उक्त आरोपी ने कोयला लेवी से प्राप्त अवैध धनराशि को वैध स्वरूप देने के उद्देश्य से विभिन्न फर्मों और बैंक खातों का उपयोग किया।

आरोपी द्वारा कई शेल फर्मों के माध्यम से बैंकिंग चैनलों के जरिए कम से कम 40 करोड़ों की धनराशि का रूटिंग और लेयरिंग कर उसे नकद में परिवर्तित कर सूर्यकांत तिवारी तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाती थी। इस प्रक्रिया में फर्जी बिलिंग, विभिन्न व्यावसायिक मदों के नाम पर भुगतान तथा अनेक खातों में राशि स्थानांतरित कर वास्तविक स्रोत को छिपाने का प्रयास किया गया।

पूर्व में आरोपी राकेश जैन के विरूद्ध रायपुर पुलिस में तीन अपराधिक मामले दर्ज है जिनमें एक प्रकरण मे चालान पेश किया जा चुका है और दो प्रकरण विवेचनाधीन है। ब्यूरो के अन्य अपराध लिकर स्कैम में भी उक्त आरोपी ने अनवर देबर से संबंधित व्यक्तियों एवं विभिन्न फर्मों को भी अपने अवैध नेटवर्क से बैंक एंट्रीया दी है और अवैध धनराशि कि लेयरिंग में सहयोग किया है।

जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित कंपनियों से बड़ी मात्रा में धनराशि विभिन्न व्यक्तियों / फर्मों जिसमें अनवर देबर से संबंधित फर्मे और आर.ए. कॉरपोरेशन, स्टार ट्रेडर्स, महावीर एंटरप्राइजेज, श्रुष्टि मिनरल्स, मार्श एंटरप्राइजेज, सोमवत्ती सेल्स एवं आर्या एंटरप्राइजेज के खातों में स्थानांतरित की गई, जिसके बाद उक्त राशि को चरणबद्ध तरीके से निकालकर अवैध नेटवर्क से सूर्यकांत तिवारी तक पहुंचाया जाता था।

उपलब्ध डिजिटल, दस्तावेज आदि साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराएं 120-बी, 420, 384, 467, 468, 471 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धाराएं 7, 7-ए एवं 12 के अंतर्गत अभियोजन की कार्यवाही की जा रही है। प्रकरण की जांच आगे भी जारी है तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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