

कोरबा। विदेश में अच्छी नौकरी और आकर्षक वेतन पाने की उम्मीद कोरबा की एक युवती के लिए मुसीबत बन गई। सोशल मीडिया पर बैंकॉक में ऑफिस असिस्टेंट की नौकरी का विज्ञापन देखकर संपर्क करना युवती को भारी पड़ गया। आरोप है कि नौकरी दिलाने के बहाने उसे पहले बेंगलुरु बुलाया गया और फिर थाईलैंड ले जाकर सीमा पार कराते हुए म्यांमार के कुख्यात केके पार्क पहुंचा दिया गया। वहां उसका पासपोर्ट जब्त कर बंधक बना लिया गया और ऑनलाइन ठगी करने के लिए मजबूर किया गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के गोंदिया जिले की निवासी स्नेहा भथलाल बडोले (35) को गिरफ्तार किया है।

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, दर्री क्षेत्र की रहने वाली युवती ने फेसबुक पर बैंकॉक में ऑफिस असिस्टेंट की नौकरी का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में हर महीने करीब 30 हजार थाई बात वेतन मिलने का उल्लेख था। विदेश में रोजगार पाने की उम्मीद में युवती ने विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया।


आरोप है कि महिला लीजा और उसके साथियों ने युवती को नौकरी दिलाने का भरोसा देकर अपने जाल में फंसा लिया। इसके बाद उसे बेंगलुरु बुलाया गया। वहां से हवाई जहाज के जरिए थाईलैंड ले जाया गया और फिर सीमा पार कराकर म्यांमार के केके पार्क पहुंचा दिया गया।
युवती के मुताबिक, म्यांमार पहुंचते ही आरोपियों ने उसका पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उसे बंधक बनाकर रखा गया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना किए जाने का आरोप है। नौकरी के लिए विदेश गई युवती को वहां अपनी मर्जी से बाहर निकलने तक की आजादी नहीं थी।
पीड़िता का आरोप है कि गिरोह के सदस्य उस पर लगातार दबाव बनाते थे और उनकी बात मानने के लिए मजबूर करते थे। इस तरह बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश पहुंची युवती साइबर ठगी करने वाले गिरोह के चंगुल में फंस गई।


पुलिस के अनुसार, पीड़िता को फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने का काम सौंपा गया था। इन खातों के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर भारतीय नागरिकों से संपर्क किया जाता था। इसके बाद उन्हें निवेश में लाभ दिलाने का झांसा देकर ठगी करने का आरोप है।
युवती ने बताया कि उसे भी इस तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया। गिरोह के चंगुल में फंसी युवती के लिए वहां से निकलना आसान नहीं था। हालांकि, उसने किसी तरह भारतीय दूतावास से संपर्क स्थापित किया।
भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन की मदद से युवती को सुरक्षित भारत वापस लाया गया। कोरबा लौटने के बाद पीड़िता ने दर्री थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 331/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 143(2) और 146 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। इसके बाद जांच अधिकारियों ने गिरोह से जुड़े लोगों और उनकी कथित भूमिका की पड़ताल शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस को महाराष्ट्र के गोंदिया जिले की रहने वाली स्नेहा भथलाल बडोले (35) की कथित संलिप्तता से जुड़े साक्ष्य मिले। इसके आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस को रिमांड प्राप्त हुई है।
पुलिस मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका और युवती को विदेश ले जाने से लेकर साइबर ठगी में कथित तौर पर शामिल करने तक के घटनाक्रम की जांच कर रही है। विदेश में नौकरी की तलाश करने वाले युवाओं के लिए यह घटना सतर्क रहने की चेतावनी है। सोशल मीडिया पर मिलने वाले आकर्षक नौकरी के प्रस्तावों की सत्यता जांचे बिना किसी अनजान व्यक्ति के झांसे में आना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।



