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मुख्यमंत्री ने बैसाखी पर प्रदेशवासियों को दी बधाई, जलियांवाला बाग के अमर शहीदों को किया नमन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैसाखी पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि बैसाखी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह दिन सिख समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि आज ही के दिन गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बैसाखी का पर्व हमें मेहनत, समर्पण और परिश्रम के मूल्यों की याद दिलाता है।

मुख्यमंत्री ने जलियांवाला बाग के अमर शहीदों को किया नमन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग के अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया है। उन्होंने कहा कि यह दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में साहस और बलिदान का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में शांतिपूर्ण ढंग से रॉलेट एक्ट के विरोध में एकत्रित निहत्थे नागरिकों पर जब ब्रिटिश जनरल डायर के आदेश पर गोलियां बरसाई गईं, तब सैकड़ों निर्दोष बच्चे, महिलाएं और पुरुष शहीद हो गए। यह घटना पूरे देश को झकझोर देने वाली थी, जिसने आज़ादी की लड़ाई को और अधिक तीव्र और व्यापक बना दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जलियांवाला बाग हमारे आत्मसम्मान, आज़ादी और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए दी गई असंख्य कुर्बानियों की यादगार है। उन्होंने कहा कि हमें वीर शहीदों के बलिदानों से मिली हुई स्वतंत्रता के मूल्य को समझते हुए सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने संत कंवर राम जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक किया नमन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संत कंवर राम जी की जयंती (13 अप्रैल) के अवसर पर उन्हें नमन करते हुए सिंधी समाज सहित समस्त प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत कंवर राम जी ने सम्पूर्ण मानवता को प्रेम, करुणा और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने सत्य, अहिंसा, त्याग और विश्वबंधुत्व की मिसाल कायम करते हुए समाज को एक नई दिशा दिखाई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत कंवर राम जी की सादगी, सेवा और समर्पण का भाव आज भी जन-जन को प्रेरित करता है। उनकी जीवन यात्रा परोपकार, आध्यात्मिक चेतना और मानवीय मूल्यों का अद्भुत संगम थी, जो समाज के लिए प्रकाशपुंज है।उन्होंने कहा कि महान संतों के आदर्शों को आत्मसात कर हम एक सामाजिक रूप से समरस और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध समाज का निर्माण कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे संत कंवर राम जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और प्रेम, शांति व सेवा के मार्ग पर चलें।

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