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काम को पेंडिंग रखना और उसके लिए किसी को अनावश्यक बार बार बुलाना मेरी आदत नहीं: अपर कलेक्टर बजरंग दुबे

दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस)। चूंकि लोकसभा चुनाव का समय है, आचार संहिता भी लागू हो चुका है इसलिए साक्षात्कार की कड़ी में हम आपको एक ऐसे अधिकारी के बारे में बता रहे है जो की उप जिला निर्वाचन अधिकारी रहते हुए दो विधानसभा चुनाव और एक लोकसभा चुनाव को सफलता पूर्वक संपन्न करवा चुके है और अब लोकसभा चुनाव 2024 के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य में जुट गए है वो अधिकारी है दुर्ग जिला में पदस्थ (अपर कलेक्टर) उप जिला निर्वाचन अधिकारी बजरंग दुबे। उन्होंने अपने अब तक के सफर को हमसे साझा किया।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी बजरंग दुबे की प्रारंभिक शिक्षा मां सर्वेश्वरी हाई स्कूल, जुट मिल कॉलोनी, रायगढ़ में हुई। वर्ष 2000 में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाई स्कूल बोर्ड एग्जाम में पूरे मध्य प्रदेश में प्रावीण्य सूची में 32वां स्थान हासिल कर भारत सरकार, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तरफ से, राष्ट्रीय स्तर की छात्रवृत्ति प्राप्त की। शासकीय नटवर हायर सेकेंडरी विद्यालय, रायगढ़ से फिजिक्स केमिस्ट्री मैथ्स सब्जेक्ट में ग्यारहवीं और बारहवीं की परीक्षा भी 80 प्रतिशत से अधिक अंकों से उत्तीर्ण की।

वर्ष 2005 में करोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, रायगढ़ से बीएससी गणित में स्नातक की डिग्री और वर्ष 2007 में पुनः करोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, रायगढ़ से एमए (इतिहास) में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। इसके बाद वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुट गए। महज 22 वर्ष की उम्र में ही उनकी नौकरी भारतीय डाक विभाग में अपर डिविजनल कलर्क के पद लग गई। वड़ोदरा (गुजरात) में ट्रेनिंग करने के बाद उन्हें बिलासपुर रेल डाक सेवा में पोस्टिंग मिली। रेल डाक सेवा में उन्होंने 2008 से 2013 तक अपनी सेवाएं दी।

इस दौरान इनका चयन छत्तीसगढ़ पुलिस में उप निरीक्षक के पद पर हुआ परंतु उन्होंने वहां ज्वाइनिंग नही की। इसी बीच उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान गुरु घसीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर से समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री भी हासिल की। रेल डाक सेवा में नौकरी के दौरान कुछ मित्रो के संपर्क में आकर सीजी पीएससी की तैयारी शुरू की।

वर्ष 2008 के सीजी पीएससी में इनका चयन उप पुलिस अधीक्षक के पद पर हुआ, और उन्होंने ट्रेनिंग भी किया, इसके साथ ही इनका चयन बैंक ऑफ बड़ौदा में प्रोबेशनरी ऑफिसर के पद पर हुआ। यूपीएससी के माध्यम से उनका चयन सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर भी हुआ। इसके अलावा इनका चयन इंटेलिजेंस ब्यूरो में डेप्युटी सेंट्रल इंटेलिजेंस ऑफिसर, सहायक सांख्यिकी अधिकारी इत्यादि पदों पर भी हुआ। वर्ष 2011 के सीजी पीएससी में इनका चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ।

उनकी पहली पोस्टिंग सुकमा में हुई, यहां उन्हे वर्ष 2016- 17 में मनरेगा योजना में एलडब्लूई एरिया में इस योजना के सर्वश्रेष्ठ क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।वर्ष 2017- 20 तक उन्होंने जांजगीर चांपा में डिप्टी कलेक्टर के पद पर अपनी सेवाएं दी। इस दौरान यह डभरा और चांपा के अनुविभागीय दंडाधिकारी के पद पर रहे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी रहते हुए उन्होंने वर्ष 2018 का छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव और वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव को सफलता पूर्वक संपन्न करवाया।

वर्ष 2020 से मई 2023 तक उन्होंने अनुविभागीय दंडाधिकारी बिलाईगढ़ और बलौदाबाजार के पद पर अपनी सेवाएं दी। मई 2023 में उन्हें तत्कालीन वीवीआईपी जिला दुर्ग में पदस्थ किया गया और दुर्ग में भी उन्होंने उप जिला निर्वाचन अधिकारी का पद संभाला और इनके देखरेख में 2023 का विधानसभा चुनाव का सफल आयोजन हुआ और अब यह लोकसभा चुनाव 2024 को सफल बनाने में पूरी जिम्मेदारी के साथ तैयारियो में जुटे है।

सुकमा पदस्थापन के दौरान उन्हें जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय सिविल सेवा के अवसर पर बेस्ट सिविल सर्वेंट का अवार्ड दिया गया। जांजगीर चांपा में पदस्थापन के दौरान कोविड-19 के बेहतर प्रबंधन और धान प्रबंधन खरीदी के लिए बेस्ट एसडीएम का अवार्ड भी मिला है। भारतीय कुष्ठ निवारण संघ, कात्रेनगर चांपा जो कि राष्ट्रीय स्तर की संस्था है के द्वारा भी इन्हें कोविड के समय चांपा में अनाज बैंक शुरू कर और वहां के कुष्ठ पीड़ितों की मदद करने हेतु प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया। वहां के नागरिकों और सिविल सोसाइटी के मदद से इन्होंने अनाज बैंक के माध्यम से 34 हजार से अधिक मजदूरों के खाने का प्रबंध किया और उस विषम परिस्थितियों में मजदूरों को खाने की कभी कमी नही होने दिया।

बलौदा बाजार में पदस्थापना के दौरान सिमगा नगर पंचायत के गौठान के नोडल अधिकारी रहे। रिकार्ड गोबरी खरीदी और वर्मी खाद निपटान के लिए जिला प्रशासन ने इन्हें पुरस्कृत किया।

 

साइंस फिक्शन हॉलीवुड और पुरानी हिंदी फिल्में देखना, गाना सुनना और गायन में अपर कलेक्टर बजरंग दुबे की विशेष रुचि रहती है साथ ही अभिनेता दिलीप कुमार, अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, लेओनार्दो डिकैप्रियो, टॉम हैंक्स, डेन्ज़ेल वाशिंगटन इनके पसंदीदा अभिनेता है। इनके बड़े भाई नितिन दुबे छत्तीसगढ़ी संगीत जगत के प्रख्यात गायक है जिन्हे छत्तीसगढ़ रत्न, माटी रत्न, कला अनमोल रत्न से सम्मानित किया जा चुका है और उनके यूट्यूब चैनल पर मिलियन सब्सक्राइबर और 41 मिलियन की व्यूअरशिप है।

अपर कलेक्टर बजरंग दुबे ने अपने कार्य करने के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि अगर आप अपने टेबल पर पड़े फाइलों को सबसे पहले निपटाते है तो आप बेस्ट हैं क्योंकि वो फाइल किसी जरूरतमंद, किसी शिकायतकर्ता की हो सकती है और आप उसे जल्दी निपटाते है तो आप उसका काम जल्दी कर रहे है साथ ही अपनी जिम्मेदारी भी बख़ूबी निभा सकते हैं। मेरे पास कोई भी आता है तो उसका काम तुरंत करना और उसे दुबारा उसी काम के लिए ना आना पड़े इस बात का ध्यान रखता हूं बशर्ते की वह काम मेरे अधिकार क्षेत्र का और शासन के नियमानुसार होना चाहिए। काम को पेंडिंग रखना और उसके लिए अनावश्यक किसी को बार बार बुलाना मेरी आदत नहीं है।

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